Chandra Gupta Maurya history

मौर्य साम्राज्य मौर्य वंश का शासन काल 321 ईसा पूर्व से तीन 296 ईसा पूर्व तक था

इस वंश के तीन प्रमुख शासक से
– चंद्रगुप्त मौर्य
– बिंदुसार और
– अशोक महान

चंद्रगुप्त मौर्य एवं बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य ने नंद राजाओं को युद्ध में पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की

चंद्रगुप्त मौर्य के बाद उनका पुत्र बिंदुसार मगध का सम्राट बना

बिंदुसार का शासन काल 296 से 273 ईसा पूर्व है

बिंदुसार ने अपने साम्राज्य का विस्तार दक्षिण में मैसूर तक किया

उस के शासनकाल में तक्षशिला में विद्रोह हुआ

चंद्रगुप्त प्रथम भारतीय सम्राट था जिसे एक राष्ट्रीय शासक कहा जाता है

और जिसने एक निरंकुश और केंद्रीय शासन की व्यवस्था की जा सके

चाणक्य चंद्र गुप्त मौर्य का मंत्री था

उसकी लिखी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम अर्थशास्त्र है

जिनमें राज्य शासक का विस्तृत उल्लेख है

मेगास्थनीज चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में यूनानी यूनानी राजदूत था

जिन्होंने इंडिका की रचना की

जिसमें मौर्य वंश की विस्तार से चर्चा की गई है

अशोक महान अशोक महान को सम्राट अशोक चंद्रगुप्त मौर्य के पुत्र एवं बिंदुसार के पुत्र थे

सम्राट अशोक का शासनकाल 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक दावे महान राजाओं में से एक थे प्रथम शासक हुए जिन्होंने प्रजा के साथ सीधा संपर्क बनाए रखा

265 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया और काफी रक्तपात था महाविनाश के बाद अपना आधिपत्य कायम किया

इस घटना से आहत हो सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को अपनाया है

इसके कारण उनका प्रशासन धीरे-धीरे कमजोर पड़ता गया और वह अंधता एक मौर्य साम्राज्य के पतन का कारण बना

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