Gautam Buddha Dharm in Hindi

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे
इनका प्रारंभिक नाम सिद्धार्थ था
वे शाक्य कुल के क्षत्रिय राजकुमार थे
इनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु जो अब नेपाल में स्थित है कि राजा थे
सिद्धार्थ का जन्म लुंबिनी में 566 ईसा पूर्व में हुआ था
इनकी माता का नाम महामाया था
इनके जन्म के 7वें दिन में ही माता के देहांत होने के बाद इनकी मौसी एवं सौतेली मां प्रजापति गौतमी ने पाला
इनकी पत्नी का नाम यशोधरा एवं पुत्र का नाम राहुल था
एक दिन कपिलवस्तु की सैर पर निकलने के क्रम में गौतम बुद्ध की नजर एक वृद्ध व्यक्ति, एक बीमार व्यक्ति, एक मृत व्यक्ति और एक सन्यासी पर पड़ी इन्हें देख उन्हें गृहस्थ जीवन से विरक्ति हो गई
सिद्धार्थ 29 वर्ष की आयु में घर बार त्याग कर सत्य की खोज में चल पड़े
7 साल बाद उन्हें बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ ज्ञान प्राप्ति के बाद उन्हें बुध नाम से जाना जा गया
40 वर्षों तक उन्होंने अपने ज्ञान का प्रचार किया
80 वर्ष की आयु में वे कुशीनगर उत्तर प्रदेश में वे परलोक सिधार गए
बौद्ध धर्म के सिद्धांत –
1. चार महान सत्य

-संसार दुख और चिंता से भरा हुआ है
-सभी दुखों का कारण इच्छा है
-इच्छाओं का दमन या नियंत्रण कर के दुखों को समाप्त किया जा सकता है
-अष्टांगिक मार्ग का अनुकरण करके इच्छाओं को नियंत्रित किया जा सकता है

2. अष्टांगिक मार्ग में सही विश्वास, सही विचार, सही कार्य, सही आजीविका, सही प्रयास, सही स्मरण शक्ति तथा, सही ध्यान के गुण निहित है

3. निर्माण में आस्था जब समाप्त होती है, तब पुनर्जन्म समाप्त होता है तथा निर्वाण की प्राप्ति होती है

4.  अहिंसा में विश्वास
5.  कर्म का सिद्धांत
6.  ईश्वर का अस्तित्व

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