Uttar Vaidik Kal in Hindi

उत्तर वैदिक काल

यह काल पूर्व वैदिक काल से काफी विकसित थी छोटी-छोटी जनजातियों शक्तिशाली राज्यों में बदल गई

इंद्रप्रस्थ अयोध्या तथा मथुरा जैसे बड़े शहरों का विकास हुआ

इसे ब्राह्मणवाद का युग भी कहा जाता है

यह युग हिंदुत्व के आधुनिक रूप से काफी मिलता-जुलता था

समाज को चार भागों में विभाजित किया गया था

पहले इसे व्यवसाय के आधार पर बांटा गया था किंतु बाद में वंशानुगत बन गया

समाज का बटवारा इस प्रकार था
ब्राह्मण
क्षत्रिय
वैश्य
शूद्र

महाकाव्य युग
महाभारत, रामायण इस युग के दो महाकाव्य है
इस युग में आर्य जनजातियां स्वयं को समूचे उत्तर भारत में बसाया
महाभारत के रचनाकार महर्षि वेदव्यास और रामायण के रचनाकार महर्षि बाल्मीकि है
महाभारत का प्रारंभिक नाम जय संहिता था
इसका एक नाम कभी भारत भी था
इसमें कुल 18 अध्याय हैं

रामायण सात खंडों में विभक्त है
इन खंडों के नाम
बालकांड
अयोध्याकांड
अरण्यकांड
किष्किंधा कांड
सुंदर कांड
लंका कांड
उत्तरकांड

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