Wave Motion and Sound in Hindi notes

तरंग गति एवं ध्वनि

तरंग गति एक ऐसी प्रक्रिया अथवा बिच्छोभ है जिसमें भाग लेने वाले प्रत्येक कण अपने परवर्ती कण के दोलनो की स्थिति में थोड़ी देर बाद आता है और इस प्रकार तरंग गति को अगले कण को स्थानांतरित करता है जिससे बिच्छोभ एक निश्चित चाल से गतिमान होता है

श्रृग तरंग (Crest) – गति का उठा हुआ भाग

गर्त(Through) – तरंग गती का दवा हुआ भाग

आयाम (Amplitude) – कण का अपनी मध्य स्थिति से अधिकतम विचलन

तरंगदैर्ध्य (Wave-length) – दो ऐसे क्रमिक कणे, जो  किसी भी समय बिल्कुल एक ही तरह विस्थापित रहते हैं, के बीच की दूरी को तरंग-दैर्ध्य कहते हैं  इसका SI मात्रक मीटर होता है

आवर्तकाल (Time period) – एक पूर्ण दोलन अर्थात एक तरंग के निर्माण में लगे समय को आवर्तकाल कहते हैं और इसका मात्रक सेकंड होता है

आवृत्ति (Frequency) – एक सेकंड में किए गए पूर्ण दोलनो की संख्या को तरंग की आवृत्ति कहते हैं इसका SI मात्रक हॉट्ज होता है

अनुप्रस्थ तरंग (Transverse wave) – अनुप्रस्थ तरंग गति में माध्यम के कण अपनी माध्य स्थिति पर ऊपर नीचे तरंग गति की दिशा के लंबवत् दोलन करते हैं पानी की सतह पर उत्पन्न तरंग, प्रकाश तरंग आदि अनुप्रस्थ तरंग के उदाहरण है

अनुदैर्ध्य तरंग (Longitude wave) – गति में माध्यम के कण मध्य स्थित पर आगे – पीछे तरंग गति की दिशा में कंपन करते हैं जैसे- ध्वनि तरंगे

अनुदैर्ध्य तरंगों के निर्माण के लिए माध्यम की प्रत्यास्थता आवश्यक है ये तरंगे ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यम उत्पन्न की जा सकती हैं

दृश्य विकिरण(Visible radiation) – इसकी खोज न्यूटन ने की थी दृश्य विकिरण में परावर्तन, अपवर्तन, व्यतिकरण, विवर्तन, ध्रुवण, दृष्टि संवेदन आदि गुण पाए जाते हैं यह विकिरण ताप दिप्त वस्तुओं से उत्पन्न होते हैं विकिरण के स्रोत सूर्य, तारे, ज्वाला, विद्युत बल, आर्कलैम्प आदि है

विद्युत चुंबकीय ( Electromagnetic waves) – तरंगे यांत्रिक तरंगें के संचालन के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है लेकिन यांत्रिक तरंगों के अतिरिक्त कुछ ऐसी तरंगे भी हैं जिन्हें संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है तथा वे तरंगे निर्वात( Vacuum) में भी संचालित हो सकती हैं इन्हें विद्युत चुंबकीय तरंग कहते हैं

गामा किरणें (Gama-rays) – गामा किरणों अत्यंत लघु तरंग दैर्ध्य की विद्युत चुंबकीय तरंगे होती हैं इनकी तरंग दैर्ध्य परिसर (10 के पावर माइनस 14 मीटर से लेकर 10 के पावर माइनस 10 मीटर) तक होता है यह तरंग बहुत कम होने के कारण इन किरणों में अत्यधिक ऊर्जा होती है जिससे यह लोहे की चादरों को पार कर जाती है

एक्स किरण (X-ray) – एक्स किरण की खोज राँन्टजन ने की थी इनका तरंग दैर्ध्य (10 के पावर 10 – 10 से लेकर 10 के पावर माइनस 8 मीटर) तक होता है इन किरणों का चिकित्सा एवं औद्योगिक क्षेत्र में बहुत प्रयोग होता है

अवरक्त किरणें (Infrared Ray) – इन किरणों की खोज विलियम हरशैल ने की थी, ये तरंगे पदार्थ को उच्च ताप पर गर्म करने पर निकलती है इन तरंगों की वेधन शक्ति अधिक होने के कारण यह घने कोहरे एवं धुंध से पार निकल जाती है युद्ध काल में इन किरणों का उपयोग दूर-दूर तक सिग्नल भेजने के लिए किया जाता है

हर्ट्ज़ एवं लघु रेडियो तरंग (Hertz or Short Radio Waves) – इन तरंगों की खोज बिडियम हॉर्टज ने की थी, इनका प्रयोग टेलीविजन, टेलीफोन इत्यादि के प्रसारण में किया जाता है वायरलेस एवं दीर्घ रेडियो तरंग इन तरंगों की खोज मारकोनी ने 1896 ई में की थी

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